“ रिग्रेट ” मतलब हिंदी में? | Regret Meaning in Hindi

Regret Meaning in Hindi: अंग्रेजी शब्दों को प्रतिदिन बातचीत के दौरान इस्तेमाल किया जाता हैं। स्वाभाविक रूप से जरूरी हैं कि आप उन शब्दों के अर्थ के बारे में जाने।

Regret भी एक महत्वपूर्ण वाक्यांश हैं जिसका प्रयोग आप निश्चित रूप से देखे होंगे। यदि आप इसका सही मतलब नहीं जानते हैं तो इस लेख को पढ़ते रहिए हम आपको Regret Meaning in Hindi के बारे में अवगत कराएंगे।

“ रिग्रेट ” मतलब हिंदी में? | Regret Meaning in Hindi

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पश्चाताप (Pashchatap) या खेद (Khed) हिंदी में “regret” का अर्थ है। यह एक व्यक्ति की वह भावना या अनुभव है जब उसे अपने किए हुए कार्य, निर्णय या विचार पर अफसोस, खेद या पश्चाताप की भावना होती है। पश्चाताप व्यक्ति के अंतर्निहित इच्छाओं, संज्ञान या निर्धारणों के प्रति एक वैयक्तिक प्रतिक्रिया हो सकता है और उसे गलती का एहसास होता है। यह एक व्यक्ति की जानकारी, अनुभव और विचार का परिणाम हो सकता है और उसे अपने निर्णयों पर विचार करने या उन्हें सुधारने की इच्छा हो सकती है। पश्चाताप व्यक्ति के अंतर्निहित मानसिक प्रक्रियाओं, निर्णयों और कार्यों को संबोधित कर सकता है और इससे उसके भविष्य के कार्यों या निर्णयों में सुधार हो सकता है। पश्चाताप मानवीय अनुभव का महत्वपूर्ण और सामान्य भाग है और इसे जीवन में सीखने, प्रगति करने और स्वयं को सुधारने का मार्ग बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

पश्चाताप (Pashchatap) एक आवाज़ है जो हमारे मन में उठती है जब हम किसी कार्रवाई, निर्णय या विचार पर खेद या अपशब्द की भावना रखते हैं। यह एक मानसिक स्थिति है जो हमारे अंतरंग मन की दुविधा, गिलासराई और अनुशासन के साथ जुड़ी होती है।

पश्चाताप की भावना आमतौर पर उन घटनाओं, क्रियाओं या निर्णयों के बारे में उठती है जिनके फलस्वरूप हम अपनी प्राथमिकताओं, निश्चितताओं या मान्यताओं को पालन नहीं कर पाते हैं। यह हमारे अंतरंग मन का एक प्रतिबिंब है जो हमें बताता है कि हमने किसी कार्रवाई में त्रुटि की है और हमें इसे सुधारने की जरूरत है।

पश्चाताप हमारी जागरूकता को बढ़ाता है और हमें अपने गलतियों से सीखने और सुधार करने की प्रेरणा देता है। यह हमारे मानसिक विकास और सामाजिक मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पश्चाताप के माध्यम से हम अपनी भूलों को स्वीकार करते हैं, उनसे सीखते हैं और आगे बढ़ने का एक नया दिशा-निर्देश प्राप्त करते हैं।

इसलिए, पश्चाताप एक सकारात्मक मानसिकता का प्रतीक है जो हमें अपने अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने, सबक सीखने और अपने कार्यों में सुधार करने के लिए प्रेरित करता है।

Regret Meaning in Various Way

  1. Regret as Sorrow: Regret can be seen as a deep sorrow or sadness arising from a past action, decision, or missed opportunity. It involves feeling remorseful and wishing that things had been different.
  2. Regret as Guilt: Regret can be associated with guilt or self-blame. It involves recognizing one’s responsibility for a negative outcome or the harm caused to oneself or others, leading to a sense of regret and the desire for redemption.
  3. Regret as Disappointment: Regret can be seen as a form of disappointment or dissatisfaction with a particular outcome or result. It involves unfulfilled expectations or believing that a different choice or action could have led to a better product.
  4. Regret as Wishing for Change: Regret can be understood as a longing for change or a desire to go back in time and make different choices. It involves imagining a different path or scenario and regret not taking it or making other decisions.
  5. Regret as a Lesson: Regret can be considered a valuable life lesson. It involves recognizing the consequences of past actions or choices and using that experience to grow, learn, and make better decisions in the future.
  6. Regret as a Motivator: Regret can serve as a motivator for personal growth and improvement. It can inspire individuals to reflect on their actions, make amends, and avoid similar regrets.
  7. Regret as Remorse: Regret can be viewed as deep remorse or repentance for a past action or decision. It involves feeling sorry for one’s behaviour or choices and wishing they could be undone.
  8. Regret as Self-reproach: Regret can involve self-reproach, which is a critical evaluation and blame directed towards oneself. It includes feelings of self-disappointment and a sense of having let oneself down.
  9. Regret as Longing: Regret can be characterized by an intense longing or yearning for something no longer attainable. It involves a deep desire for a different outcome or a lost opportunity.
  10. Regret as Bitterness: Regret can manifest as bitterness or resentment towards oneself or others. It may arise from feelings of being wronged or betrayed, leading to regret for trusting or making certain decisions.
  11. Regret as Unfulfilled Potential: Regret can stem from a realization that one has not lived up to their full potential or failed to pursue their dreams and aspirations. It involves missing opportunities and a desire to have done more or achieved more.
  12. Regret as Nostalgia: Regret can be intertwined with nostalgia, a sentimental longing for the past. It involves looking back fondly on certain moments or experiences while feeling regret for not fully appreciating or maximizing them.
  13. Regret as Loss: Regret can be associated with a sense of loss, not only in terms of missed opportunities but also in relationships, career choices, or personal achievements. It involves mourning what could have been or was lost due to regrettable actions or decisions.

Regret Meaning in Hindi Various Way

  1. पश्चाताप का अर्थ दुःख के रूप में: पश्चाताप को गहरा दुःख या उदासी की भावना के रूप में देखा जा सकता है जो किसी पूर्व क्रिया, निर्णय या चूक से उत्पन्न होती है। इसमें खेद और अपनी इच्छाओं के अनुसार नहीं होने की इच्छा होती है।
  2. पश्चाताप का अर्थ अपराधभाषण के रूप में: पश्चाताप को आपराधिक भाषण या आत्म-दोष की भावना के रूप में जोड़ा जा सकता है। इसमें अपने आप को एक नकारात्मक परिणाम या अपने या अन्यों को पहुंचाए गए क्षति के लिए जिम्मेदार मानने का अनुभव होता है, जिससे पश्चाताप की भावना और सुधार की इच्छा उत्पन्न होती है।
  3. पश्चाताप का अर्थ निराशा के रूप में: पश्चाताप को निराशा या असंतोष के रूप में देखा जा सकता है। इसमें निराशा की भावना या अपेक्षाओं के पूरे न होने की इच्छा की जाती है। यह नाकामी या खारिज अवसरों की भावना का अनुभव करने को सम्मिलित करता है।
  4. पश्चाताप का अर्थ परिवर्तन की इच्छा के रूप में: पश्चाताप को बदलाव की इच्छा के रूप में समझा जा सकता है। यह विभिन्न नतीजों या परिणामों के पश्चात विचार करने से उत्पन्न होता है और उन परिणामों के लिए पश्चाताप की भावना और इच्छा होती है।
  5. पश्चाताप का अर्थ एक सबक के रूप में: पश्चाताप को मूल्यवान जीवन सबक के रूप में समझा जा सकता है। इसमें पूर्व क्रियाओं या निर्णयों के परिणामों को मान्यता देने और उनसे सीखकर विकास करने की क्षमता का उपयोग करना शामिल होता है।
  6. खेद (Khed): पश्चाताप को खेद के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। यह एक गहरी दुख भावना होती है जो किसी पश्चात क्रिया, निर्णय या अवसर के बारे में होती है। इसमें खोए हुए समय, मौके, या सुअवसरों के लिए खेद होता है।
  7. खामोशी (Khamoshi): पश्चाताप को खामोशी के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। यह एक अंतरंग भावना है जो मन में उठती है जब हम अपने अवसरों को या किये गए निर्णयों को याद करते हैं। खामोशी में हम अपनी चूकों के प्रति शोक, दुःख और निराशा को जीवंत करते हैं।
  8. पछतावा (Pachtaava): पश्चाताप को पछतावा के रूप में समझा जा सकता है। यह आत्म-दोष की भावना होती है जब हम अपने निर्णयों, क्रियाओं या अनजाने में हुई चूकों के लिए खुद को दोषी मानते हैं। पछतावा से हम अपनी गलतियों का आदान-प्रदान करते हैं और आगे जाकर बेहतर निर्णय लेने का संकल्प बनाते हैं।

Regret Meaning in Hindi With Sentence Sample

  1. मैंने अपने दोस्त की जगह छोटे स्टार्टअप को चुना, और अब मुझे उस पर पश्चाताप हो रहा है।
  2. जब मैंने अपने पढ़ाई को ध्यान नहीं दिया, तो मुझे विद्यार्थी होने पर पश्चाताप हुआ।
  3. मैं वह संगीताचार्य बनने का मौका गंवा चुका हूँ, और अब मुझे उस पर पश्चाताप हो रहा है।
  4. मैंने अपने परिवार के साथ बिताने का मौका छोड़ दिया, और अब मुझे उस फैसले पर पश्चाताप हो रहा है।
  5. मैंने विदेश जाने के लिए मौका हाथ से जाने दिया, और अब मुझे उस अवसर के पर पश्चाताप हो रहा है।
  6. मैं अपने बचपन के दिनों को याद करके पश्चाताप करता हूं।
  7. उसके लिए ज़्यादा कठिनाईयाँ नहीं थी, और यही कारण है कि मुझे उस पर पश्चाताप हो रहा है।
  8. जब मैंने उसे असमय में छोड़ दिया, तो मुझे उस निर्णय पर पश्चाताप हुआ।
  9. मैं अपने सपनों की पूर्ति के लिए काम नहीं किया और अब मुझे उस पर पश्चाताप हो रहा है।
  10. वह अवसर मेरे हाथ से चला गया था, और अब मुझे उसके बिगड़ने पर पश्चाताप हो रहा है।
  11. मैं उसके साथ उस बड़े मौके को छोड़ दिया, और अब मुझे उस पर गहरा पश्चाताप हो रहा है।
  12. मैंने उससे वादा किया था, लेकिन निभा नहीं सका, और अब मुझे उस वादे के तोड़ने पर पश्चाताप हो रहा है।
  13. मैं उससे ख़ता कर गया, और अब मुझे उस ख़ते करने पर पश्चाताप हो रहा है।
  14. उस परिणाम को देखकर, मैं अपनी गलती पर पश्चाताप कर रहा हूं।
  15. उसके लिए दोषी होने पर मुझे पश्चाताप हो रहा है।

Regret Antonyms Hindi and English With Table Format

Hindi English
प्रसन्नता Satisfaction
आनंद Joy
संतुष्टि Contentment
आनंदित Delighted
पूर्णता Fulfillment
संतुष्ट Satisfied
खुशी Happiness
आनंदपूर्ण Blissful
उत्साह Enthusiasm
प्रसन्न Pleasure

Regret Synonyms Hindi and English With Table Format

Hindi English
पछतावा Remorse
खेद Sorrow
ख्यालीपुलाव Wistfulness
विनती Supplication
खामोशी Silence
अफ़सोस Regretfulness
शोक Grief
दुःख Pain
अनुताप Repentance
प्रार्थना Prayer

Regret Q&A in Hindi and English

1. पश्चाताप क्यों महसूस होता है?

उत्तर: पश्चाताप इसलिए महसूस होता है क्योंकि हम अपनी गलती, बुरी क्रिया या गलत निर्णय पर खेद और पछतावा करते हैं। हमारे मन में इसका कारण होता है क्योंकि हम अपने कार्यों को बेहतर रूप से करने या पहले अलग तरीके से करने की उम्मीद रखते हैं।

2. क्या पश्चाताप एक उपयोगी भावना है?

उत्तर: हाँ, पश्चाताप एक उपयोगी भावना हो सकती है। यह हमें अपनी गलतियों से सीखने की अवस्था प्रदान करती है और हमें संशोधन करने और बेहतर निर्णय लेने के लिए प्रेरित करती है। पश्चाताप से हम अपनी भूलों को सुधारने की संकेत देते हैं और अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन करने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

3. क्या पश्चाताप दुखद अनुभव होता है?

उत्तर: हाँ, पश्चाताप अक्सर दुखद अनुभव होता है। यह हमें अपने अवसरों, संबंधों या कार्यों के लिए पछतावा और दुःख महसूस कराता है। हम खुद को निरर्थकता और निरंतरता के कारण दुखी महसूस करते हैं और यह भावना हमें समझाती है कि हमें उचित निर्णय लेने और अपने कार्यों पर ज़्यादा ध्यान देने की आवश्यकता होती है।

4. पश्चाताप क्या है?

उत्तर: पश्चाताप एक भावना है जो हमें किसी क्रिया, निर्णय, या गुणात्मक वस्तु के लिए खेद, पछतावा या दुःख की अनुभूति कराती है।

5. पश्चाताप क्यों होता है?

उत्तर: पश्चाताप होता है जब हम अपनी क्रियाओं, निर्णयों, या अवसरों पर पछतावा करते हैं और खेद अनुभव करते हैं। इसके पीछे कारण हमारी गलती, निरर्थकता, निरंतरता या अनुचित विचार-विमर्श हो सकते हैं।

6. पश्चाताप के प्रकार क्या हैं?

उत्तर: पश्चाताप के विभिन्न प्रकार हो सकते हैं, जैसे सामान्य पश्चाताप, सामाजिक पश्चाताप, नैतिक पश्चाताप, व्यापारिक पश्चाताप आदि। ये पश्चाताप के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग हो सकते हैं।

7. What is Regret?

Answer: Regret is an emotion that makes us feel sorrow, remorse, or sadness for a specific action, decision, or missed opportunity.

8. Why Do We Experience Regret?

Answer: Regret arises when we feel remorseful or disappointed about our actions, decisions, or missed opportunities. Mistakes, unfulfilled expectations, inconsistency, or improper reasoning can cause it.

9. What Are the Types of Regret?

Answer: There can be various types of regret, such as general regret, social regret, moral regret, professional regret, etc. These types of guilt can be applicable in different areas of life.

10. Why Do We Feel Regret?

Answer: We feel regret because we experience sorrow and remorse for our mistakes, evil actions, or wrong decisions. A feeling arises because we expect to do better or differently in our efforts.

11. Is Regret a Proper Emotion?

Answer: Yes, regret can be a helpful emotion. It provides us with a state of learning from our mistakes and motivates us to improve and make better decisions. Regret signals us to rectify our errors and paves the way for positive life changes.

12. Is Regret a Painful Experience?

Answer: Yes, regret often comes with a sense of pain. It makes us feel remorse and sadness for missed opportunities, relationships, or actions. We feel unhappy due to our shortcomings and inconsistencies, and this emotion reminds us to make better choices and pay more attention to our efforts.

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